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राजस्थान में मानसून को लेकर बड़ा अपडेट! कब होगी एंट्री, बारिश कम होगी या ज्यादा? जानिए हर सवाल का जवाब

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राजस्थान में मानसून को लेकर बड़ा अपडेट! कब होगी एंट्री, बारिश कम होगी या ज्यादा? जानिए हर सवाल का जवाब
राजस्थान में मानसून की दस्तक का इंतजार, प्री-मानसून बारिश से मौसम हुआ सुहाना।

राजस्थान में मानसून को लेकर बढ़ी उत्सुकता

राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से हो रही आंधी और बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत जरूर दी है, लेकिन इससे एक बड़ा सवाल भी खड़ा हो गया है—क्या प्रदेश में मानसून आ चुका है? किसान बुवाई की तैयारी में जुटने लगे हैं, जबकि आम लोग मानसून की पहली बारिश को लेकर असमंजस में हैं।


क्या राजस्थान में मानसून आ गया है?

इस सवाल का जवाब है—नहीं। फिलहाल राजस्थान में जो बारिश और तेज आंधी देखने को मिल रही है, वह मानसून नहीं बल्कि पश्चिमी विक्षोभ और प्री-मानसून गतिविधियों का असर है।

जयपुर, अजमेर, भरतपुर, बीकानेर और जोधपुर संभाग के कई इलाकों में हो रही बारिश ने मौसम को सुहाना बनाया है, लेकिन इसे मानसून की आधिकारिक एंट्री नहीं माना जा सकता।


राजस्थान में मानसून कब देगा दस्तक?

मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में प्रवेश कर लिया है और अब यह धीरे-धीरे उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है।

यदि मौसम की परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो जून के आखिरी सप्ताह या जुलाई के पहले सप्ताह तक मानसून राजस्थान पहुंच सकता है। आमतौर पर मानसून को केरल से राजस्थान तक पहुंचने में करीब 25 से 30 दिन का समय लगता है।


क्या इस बार बारिश कम होगी?

सबसे बड़ी चिंता अल-नीनो को लेकर है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अल-नीनो के प्रभाव से मानसून की रफ्तार और बारिश दोनों प्रभावित हो सकती हैं।

कई रिपोर्ट्स में राजस्थान समेत उत्तर भारत के कुछ राज्यों में सामान्य से कम बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि अंतिम तस्वीर मानसून की प्रगति पर निर्भर करेगी।


किसानों के लिए कितनी बड़ी चिंता?

बारिश कम होने की आशंका के बावजूद फिलहाल किसानों के लिए स्थिति बहुत चिंताजनक नहीं है। प्रदेश के कई बांधों और जलाशयों में पर्याप्त पानी मौजूद है।

विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती बुवाई पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन अगर मानसून कमजोर रहा तो बाद के महीनों में फसलों की पैदावार प्रभावित हो सकती है।


खरीफ फसलों पर क्या पड़ेगा असर?

कम बारिश की स्थिति में सोयाबीन, बाजरा, मक्का और अन्य खरीफ फसलों पर असर देखने को मिल सकता है। इसके अलावा मिट्टी में नमी की कमी, कीटों का बढ़ता प्रकोप और खाद की मांग बढ़ने जैसी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं।


अगले 5-6 दिन कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के अनुसार 4 से 7 जून के बीच जयपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर और भरतपुर संभाग में आंधी और हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है।

वहीं बीकानेर और जोधपुर संभाग में 6 जून तक हल्की बारिश की संभावना है। इसके बाद 8 से 10 जून के बीच अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।


निष्कर्ष

फिलहाल राजस्थान में हो रही बारिश को मानसून नहीं माना जा सकता। असली मानसून की दस्तक के लिए लोगों को अभी कुछ और इंतजार करना होगा। हालांकि प्री-मानसून गतिविधियों ने गर्मी से राहत जरूर दी है, लेकिन अल-नीनो के कारण इस बार बारिश को लेकर चिंता बनी हुई है।

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