जून महीने की शुरुआत आम लोगों के लिए कई बड़े बदलाव लेकर आई है। सबसे बड़ा झटका कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के रूप में लगा है। तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए हैं, जिससे होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और छोटे कारोबारियों की लागत बढ़ने वाली है। इसके साथ ही छोटे 5 किलो LPG सिलेंडर की कीमतों में भी इजाफा किया गया है।
कमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा
नए रेट लागू होने के बाद कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में ₹53.50 तक की बढ़ोतरी हुई है। इससे खाने-पीने के कारोबार से जुड़े लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में चाय, नाश्ता और खाने-पीने की कई चीजें महंगी हो सकती हैं।
छोटे सिलेंडर पर भी बढ़ा बोझ
5 किलो फ्री ट्रेड LPG सिलेंडर की कीमत में ₹11 की बढ़ोतरी की गई है। यह सिलेंडर अक्सर छात्रों, प्रवासी मजदूरों और छोटे दुकानदारों द्वारा इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में इसका असर सीधे आम लोगों पर देखने को मिल सकता है।
पेट्रोल-डीजल निर्यात पर बदली ड्यूटी
केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और हवाई ईंधन (ATF) के निर्यात पर लगने वाली ड्यूटी में बदलाव किया है। इससे तेल कंपनियों और रिफाइनरियों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
UPI यूजर्स के लिए नया नियम
अब कुछ बैंक छोटे UPI ट्रांजैक्शन पर SMS अलर्ट भेजना बंद कर रहे हैं। तय सीमा से कम रकम के लेन-देन पर मोबाइल पर मैसेज नहीं आएगा। इसका उद्देश्य अनावश्यक SMS की संख्या कम करना है।
सोलर पैनल खरीदने वालों के लिए नई शर्त
सरकार ने सब्सिडी वाले रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब केवल अधिकृत और प्रमाणित कंपनियों के सोलर पैनल ही इस्तेमाल किए जा सकेंगे। इससे ग्राहकों को बेहतर गुणवत्ता और लंबी वारंटी का फायदा मिलेगा।
क्या पड़ेगा असर?
जून में लागू हुए इन बदलावों का असर आम उपभोक्ताओं से लेकर कारोबारियों तक देखने को मिलेगा। गैस महंगी होने से खाने-पीने की चीजों की कीमतें बढ़ सकती हैं, जबकि बैंकिंग और सोलर सेक्टर में नए नियम लोगों की आदतों और खर्च पर असर डालेंगे।