राजस्थान में अगले महीने से पेट्रोल-डीजल का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। प्रदेशभर के पेट्रोल पंप संचालकों ने 1 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। अगर समय रहते समाधान नहीं निकला, तो राज्य के हजारों पेट्रोल पंप बंद हो सकते हैं, जिससे आम लोगों के साथ किसानों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर की मुश्किलें बढ़ जाएंगी।
पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर अपनी समस्याएं बताई हैं और जल्द कार्रवाई की मांग की है। डीलर्स का कहना है कि तेल कंपनियों की नई पाबंदियों और सरकार की अनदेखी के कारण हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं।
WhatsApp आदेशों से तय हो रही तेल सप्लाई
डीलर्स का आरोप है कि बड़ी तेल कंपनियां अब लिखित आदेशों की बजाय WhatsApp मैसेज और मौखिक निर्देशों के जरिए पेट्रोल-डीजल की सप्लाई सीमित कर रही हैं।
एसोसिएशन के मुताबिक कुछ जगहों पर एक ग्राहक को एक बार में 50 हजार रुपए से ज्यादा का डीजल और 5 हजार रुपए से ज्यादा का पेट्रोल देने पर रोक लगा दी गई है। नियम तोड़ने पर कंपनियां सप्लाई बंद करने जैसी कार्रवाई कर रही हैं।
डीलर्स का कहना है कि इससे ग्राहकों में भ्रम और गुस्सा बढ़ रहा है और पेट्रोल पंपों पर विवाद की स्थिति बन रही है।
किसानों के सामने बढ़ सकती है परेशानी
आने वाले दिनों में खेती और बुवाई का सीजन शुरू होने वाला है। ऐसे में किसानों को डीजल की ज्यादा जरूरत पड़ेगी। लेकिन डीलर्स का कहना है कि कंपनियों ने ड्रम में डीजल देने पर सख्त पाबंदी लगा रखी है।
ग्रामीण इलाकों के किसानों के लिए बार-बार ट्रैक्टर और मशीनें लेकर शहर तक आना मुश्किल होगा। इससे खेती का काम प्रभावित हो सकता है।
VAT और महंगे ईंधन पर नाराजगी
डीलर एसोसिएशन ने राजस्थान में पेट्रोल-डीजल पर ज्यादा VAT लगाने का भी विरोध किया है। उनका कहना है कि इसी वजह से राज्य में ईंधन देश के कई राज्यों से महंगा बिक रहा है।
डीलर्स ने मांग की है कि सरकार VAT में कम से कम 5 प्रतिशत की कटौती करे, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
सरकार पर भुगतान रोकने का आरोप
डीलर्स ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के दौरे और सरकारी रैलियों के दौरान लाखों रुपए का ईंधन उधार दिया गया था, लेकिन उसका भुगतान अब तक नहीं हुआ है। इससे कई पेट्रोल पंप संचालक आर्थिक दबाव में आ गए हैं।
1 जून से क्या होगा?
अगर सरकार और तेल कंपनियों के साथ जल्द समझौता नहीं हुआ, तो 1 जून से प्रदेशभर में पेट्रोल पंप बंद हो सकते हैं। इससे ट्रांसपोर्ट, खेती, बाजार और आम लोगों की आवाजाही पर बड़ा असर पड़ सकता है।
अब सबकी नजर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और सरकार के अगले कदम पर टिकी है कि क्या समय रहते कोई समाधान निकल पाएगा या राजस्थान ईंधन संकट की ओर बढ़ेगा।