अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। दोनों देशों के बीच सीजफायर को लेकर बातचीत चल रही है, लेकिन इसी बीच अमेरिकी सेना ने ईरान से जुड़े ठिकानों पर बड़ा सैन्य हमला कर दिया। यह कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट और बंदर अब्बास पोर्ट के आसपास की गई, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में हलचल तेज हो गई है।
होर्मुज स्ट्रेट के पास सैन्य कार्रवाई
अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम के मुताबिक अमेरिकी सेना ने उन बोट्स को निशाना बनाया जो कथित तौर पर समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछा रही थीं। इसके अलावा बंदर अब्बास के पास मौजूद सरफेस टू एयर मिसाइल साइट पर भी हमला किया गया।
अमेरिका ने बताया आत्मरक्षा
अमेरिकी सेना का कहना है कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा के तहत की गई ताकि अमेरिकी सैनिकों, युद्धपोतों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सेंटकॉम के प्रवक्ता टिमोथी हॉकिन्स ने कहा कि संदिग्ध गतिविधियों के चलते तुरंत जवाबी कार्रवाई जरूरी हो गई थी।
क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में शामिल है। यहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस की सप्लाई होती है। ऐसे में इस इलाके में बढ़ता तनाव सीधे वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित कर सकता है।
क्या रुक जाएगी शांति वार्ता?
हालांकि अमेरिका ने साफ किया है कि वह अभी भी सीजफायर और शांति वार्ता का समर्थन करता है। लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस हमले से बातचीत की प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है।
फिलहाल दोनों देशों की तरफ से वार्ता पूरी तरह खत्म करने के संकेत नहीं मिले हैं।
दुनिया की नजरें पश्चिम एशिया पर
इस सैन्य कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। अगर हालात और बिगड़ते हैं तो इसका असर तेल कीमतों, वैश्विक व्यापार और सुरक्षा पर पड़ सकता है।