प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के UAE दौरे को भारत-यूएई रिश्तों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। अबूधाबी पहुंचने पर प्रधानमंत्री का गार्ड ऑफ ऑनर के साथ भव्य स्वागत किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके विमान को UAE एयरफोर्स के F-16 फाइटर जेट्स द्वारा एस्कॉर्ट भी दिया गया, जिससे इस दौरे की रणनीतिक अहमियत और बढ़ गई।
LPG सप्लाई और ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ा समझौता
इस द्विपक्षीय बैठक में भारत और UAE के बीच LPG सप्लाई, स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। दोनों देशों ने भविष्य में ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई है।
रक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर में सहयोग
बैठक के दौरान रक्षा क्षेत्र में सहयोग, वडिनार में शिप रिपेयर क्लस्टर और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं से जुड़े MoU पर भी हस्ताक्षर हुए हैं।
5 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा
UAE ने भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर, RBL बैंक और सम्मान कैपिटल में लगभग 5 अरब डॉलर निवेश का ऐलान किया है। इसे दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
वैश्विक ऊर्जा और भू-राजनीति पर चर्चा
दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया की स्थिति, कच्चे तेल के उत्पादन और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। UAE ने 2027 तक तेल उत्पादन बढ़ाकर 50 लाख बैरल प्रतिदिन करने की योजना भी साझा की है।
भारत-UAE व्यापार संबंध
UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जहां दोनों देशों के बीच 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार होता है। भारत से UAE को पेट्रोलियम, जेम्स-ज्वेलरी, टेक्सटाइल, मशीनरी, फूड आइटम और केमिकल्स का बड़ा निर्यात किया जाता है।