
राजस्थान में पंचायतराज चुनाव 2026 को लेकर बुधवार को 41 जिलों में पंचायत समिति प्रधान, जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्यों के पदों के आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। प्रदेश की 457 पंचायत समितियों के प्रधान पदों में से 221 पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। हर आरक्षित वर्ग में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।
जयपुर में 22 में से 11 सीटें महिलाओं के लिए
जयपुर जिले में कुल 22 पंचायत समितियां हैं। इनमें सिर्फ 4 प्रधान पद अनारक्षित रखे गए हैं, जबकि अलग-अलग आरक्षण श्रेणियों में 11 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हुई हैं।
जयपुर में तूंगा और आंधी SC ओपन, रामपुरा डाबरी और कोटखावदा SC महिला, चौमूं और किशनगढ़-रेनवाल ST ओपन, अमरसर ST महिला, माधोराजपुरा और सांगानेर OBC ओपन तथा जोबनेर और मौजमाबाद OBC महिला के लिए आरक्षित हुए हैं। अनारक्षित महिला श्रेणी में दूदू, जालसू, चाकसू, आमेर, झोटवाड़ा और गोविंदगढ़ शामिल हैं।
जोधपुर में भी महिला प्रधानों की संख्या ज्यादा
जोधपुर जिले में 23 पंचायत समितियां हैं। यहां भी अलग-अलग श्रेणियों में महिला प्रधानों के लिए कई सीटें आरक्षित हुई हैं। महिला आरक्षण के चलते जिले में बड़ी संख्या में महिला उम्मीदवारों के चुनाव लड़ने का रास्ता साफ हुआ है।
उदयपुर में OBC का एक भी प्रधान पद नहीं
उदयपुर की 20 पंचायत समितियों में सिर्फ एक सीट अनारक्षित रही। यहां OBC वर्ग के लिए एक भी प्रधान पद आरक्षित नहीं हुआ। ST वर्ग के लिए 8 सीटें आरक्षित की गई हैं, जबकि कई सीटें ST महिला और अनारक्षित महिला श्रेणी में भी गई हैं।
4 जिलों में सभी प्रधान पद ST वर्ग के लिए
राजस्थान के डूंगरपुर, बांसवाड़ा, सलूंबर और प्रतापगढ़ ऐसे चार जिले हैं, जहां सभी पंचायत समितियों के प्रधान पद अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लिए आरक्षित हुए हैं।
- डूंगरपुर: 14 पंचायत समितियां
- बांसवाड़ा: 16 पंचायत समितियां
- सलूंबर: 7 पंचायत समितियां
- प्रतापगढ़: 8 पंचायत समितियां
इन जिलों में ST ओपन और ST महिला श्रेणी के तहत प्रधान चुने जाएंगे।
SC, ST और OBC के कितने प्रधान पद?
प्रदेश की 457 पंचायत समितियों में आरक्षण के तहत करीब 79 पद SC, 93 पद ST और 56 पद OBC वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। शेष पद अनारक्षित श्रेणी में रहेंगे।
1403 जिला परिषद और 8245 पंचायत समिति सदस्य पदों का भी आरक्षण
प्रधान पदों के साथ 1403 जिला परिषद सदस्य और 8245 पंचायत समिति सदस्य पदों का आरक्षण भी लॉटरी के जरिए तय किया गया है। जिला परिषद के 1403 वार्डों में 192 OBC, 257 ST और 232 SC के लिए आरक्षित किए गए हैं।
अब सरपंच और वार्ड पंचों की लॉटरी
प्रधान, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के आरक्षण के बाद अब सरपंच और वार्ड पंचों के पदों की लॉटरी की प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी। 41 जिला परिषदों, 457 पंचायत समितियों और 14 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में आरक्षण तय होने के बाद पंचायत चुनाव का स्थानीय गणित और स्पष्ट होगा।
आरक्षण की इस प्रक्रिया के बाद संभावित उम्मीदवारों को अपनी-अपनी सीट की कैटेगरी के हिसाब से चुनावी तैयारी करनी होगी। महिला आरक्षण के कारण इस बार पंचायत समितियों में बड़ी संख्या में महिला उम्मीदवार प्रधान पद के लिए चुनाव मैदान में उतरेंगी।
