जयपुर: मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट में लंबे समय से प्रतिनियुक्ति पर तैनात अधीक्षण अभियंता (SE) मुकेश शर्मा को डेपुटेशन की अवधि खत्म होने के 3 दिन बाद भी विभाग ने रिलीव नहीं किया है। खास बात यह है कि चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर पहले ही उन्हें मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट से हटाकर उनके मूल विभाग जल संसाधन विभाग (WRD) भेजने के निर्देश दे चुके हैं। इसके बावजूद अब तक उन्हें रिलीव नहीं किया गया।
बताया जा रहा है कि मुकेश शर्मा की प्रतिनियुक्ति अवधि हाल ही में पूरी हो चुकी है, लेकिन विभागीय स्तर पर उन्हें मूल विभाग भेजने की कार्रवाई अभी तक नहीं हुई। इस मामले को लेकर विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
28 साल की नौकरी में 18 साल से ज्यादा डेपुटेशन पर
सूत्रों के अनुसार, अधीक्षण अभियंता मुकेश शर्मा की करीब 28 साल की सेवा में 18 साल से ज्यादा समय प्रतिनियुक्ति पर बीता है। इस दौरान वे अलग-अलग विभागों में महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रहे हैं।
सबसे ज्यादा समय वे जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) में रहे। जानकारी के मुताबिक, वे सहायक अभियंता (AEN) के पद पर साल 2001 से 2014 के बीच अलग-अलग अवधि में करीब 10 साल तक JDA में प्रतिनियुक्ति पर रहे।
इसके बाद अप्रैल 2019 से अगस्त 2024 तक करीब 4 साल 4 महीने वे कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग में अधिशासी अभियंता (XEN) के पद पर प्रतिनियुक्ति पर रहे।
दिसंबर 2024 से मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट में तैनात
मुकेश शर्मा दिसंबर 2024 से मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट में अधीक्षण अभियंता के पद पर प्रतिनियुक्ति पर तैनात हैं। यहां उनकी तैनाती को एक साल आठ महीने से ज्यादा समय हो चुका है।
अब प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्त होने के बावजूद उन्हें रिलीव नहीं किए जाने को लेकर विभाग के भीतर चर्चा है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जब डेपुटेशन की अवधि पूरी हो चुकी है और मंत्री स्तर से भी मूल विभाग भेजने के निर्देश दिए जा चुके हैं, तो फिर उन्हें अब तक रिलीव क्यों नहीं किया गया।
मंत्री ने पिछले महीने भी चलवाई थी पत्रावली
जानकारी के अनुसार, चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने मुकेश शर्मा को मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट से हटाकर उनके मूल विभाग जल संसाधन विभाग में भेजने के लिए पिछले महीने पत्रावली भी चलाई थी। मंत्री के निर्देश के बावजूद इस मामले में अब तक कार्रवाई नहीं होने की बात सामने आई है।
मौजूदा प्रिंसिपल सेक्रेट्री गायत्री राठौड़ के स्तर पर भी इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने का दावा किया जा रहा है।
अब देखना होगा कि प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्त होने के बाद विभाग अधीक्षण अभियंता मुकेश शर्मा को कब तक मूल विभाग के लिए रिलीव करता है और मंत्री के निर्देशों पर कब अमल होता है।