राजस्थान में पिछले कई दिनों से कमजोर पड़ा मानसून अब दोबारा सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। बुधवार को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश हुई, जिसके साथ ही लंबे समय से चल रहा मानसून ब्रेक खत्म होने के संकेत मिले हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में खासतौर पर पूर्वी राजस्थान के कई इलाकों में बारिश बढ़ने का अनुमान जताया है।
3 सितंबर को जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इसके बाद 4 सितंबर से बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने का अनुमान है। जयपुर, भरतपुर, कोटा और अजमेर संभाग के कई हिस्से इस बदलाव से प्रभावित हो सकते हैं।
रूपवास में सबसे ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटे में भरतपुर के रूपवास में सबसे ज्यादा 27 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा करौली के बालघाट में 18 मिमी और धौलपुर के बाड़ी में 12 मिमी पानी बरसा।
नादौती, सैंपऊ, बसेड़ी और राजाखेड़ा समेत आसपास के कई क्षेत्रों में भी बारिश हुई, हालांकि यहां बारिश की मात्रा 10 मिमी से कम रही।
बारिश के बाद पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिला है। आने वाले दिनों में बारिश का दायरा और बढ़ सकता है।
4 सितंबर से बढ़ेगी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना मौसम सिस्टम आगे बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से राजस्थान में 4 सितंबर से बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
खासकर 5 से 7 सितंबर के बीच भरतपुर और कोटा संभाग में तेज बारिश देखने को मिल सकती है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश की स्थिति भी बन सकती है। जयपुर और अजमेर संभाग में भी इस दौरान बारिश होने का अनुमान है।
पश्चिमी राजस्थान में कमजोर रहेगा मानसून
बारिश का असर पूरे प्रदेश में एक जैसा नहीं रहेगा। पश्चिमी राजस्थान में मानसून की गतिविधियां फिलहाल कमजोर रहने की संभावना है। खासकर जोधपुर संभाग में आने वाले दिनों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है।
पिछले दिनों बारिश कम होने के कारण पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान के कई हिस्सों में गर्मी का असर बढ़ा है। बुधवार को श्रीगंगानगर प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
किसानों और आम लोगों को राहत की उम्मीद
मानसून की वापसी से पूर्वी राजस्थान के उन इलाकों में राहत मिल सकती है, जहां पिछले कुछ दिनों से बारिश की गतिविधियां कमजोर थीं। बारिश का असर खेती और स्थानीय जलस्रोतों पर भी देखने को मिल सकता है।
हालांकि, जिन इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट है, वहां लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने की जरूरत है। निचले इलाकों में जलभराव और तेज बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर परेशानी की स्थिति बन सकती है।
फिलहाल मौसम का सबसे ज्यादा असर पूर्वी राजस्थान में दिखाई दे रहा है। 4 सितंबर से बारिश का दौर तेज होने और 5 से 7 सितंबर के बीच कई इलाकों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में मानसून कमजोर बना रह सकता है।