सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिली है। 3 सितंबर को घरेलू बुलियन मार्केट में दोनों कीमती धातुओं के भाव बढ़े। 24 कैरेट सोने की कीमत में करीब ₹2,549 की बढ़ोतरी हुई, जिसके बाद 10 ग्राम सोने का भाव लगभग ₹1.54 लाख तक पहुंच गया। वहीं चांदी भी ₹4,420 महंगी होकर करीब ₹2.33 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में सोने के भाव में उतार-चढ़ाव रहा है। तीन कारोबारी दिनों तक गिरावट के बाद अब कीमतों में दोबारा तेजी आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गुरुवार को सोने की कीमत मजबूत हुई।
एक महीने में सोना ₹11 हजार तक चढ़ा
सोने की कीमतों में हालिया तेजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि करीब एक महीने में 10 ग्राम सोना लगभग ₹11 हजार महंगा हुआ है। चांदी में भी इसी अवधि में करीब ₹16 हजार प्रति किलो की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
यानी जिन लोगों ने एक महीने पहले सोना या चांदी खरीदी थी, उनके निवेश की कीमत में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है। हालांकि, बाजार में कीमतें लगातार बदलती रहती हैं और आगे भी इनमें उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
साल की शुरुआत से सोने में ₹21 हजार की बढ़त
2026 की शुरुआत से अब तक सोने के भाव में बड़ा बदलाव आया है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने की कीमत करीब ₹1.33 लाख थी। अब यह करीब ₹1.54 लाख के स्तर पर पहुंच चुकी है। इस हिसाब से साल की शुरुआत से सोना लगभग ₹21 हजार महंगा हो चुका है।
चांदी की कीमत में भी साल की शुरुआत से बढ़ोतरी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को एक किलो चांदी का भाव करीब ₹2.30 लाख था, जो अब लगभग ₹2.33 लाख पर पहुंच गया है।
जनवरी में बना था बड़ा रिकॉर्ड
इस साल की शुरुआत में सोने और चांदी ने कीमतों के मामले में बड़ी छलांग लगाई थी। 29 जनवरी 2026 को सोने ने करीब ₹1.76 लाख प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ था। इसी दिन चांदी भी करीब ₹3.86 लाख प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंची थी।
इसके बाद दोनों धातुओं के भाव में कई बार तेज गिरावट और तेजी देखने को मिली। फिलहाल बाजार में एक बार फिर मजबूती का दौर नजर आ रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी असर
सोने-चांदी के घरेलू भाव पर अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल का सीधा असर पड़ता है। गुरुवार को कमजोर अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमत में तेजी आई। बाजार की नजर अब अमेरिका के आने वाले रोजगार आंकड़ों पर भी है, क्योंकि इन आंकड़ों से अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर उम्मीदों पर असर पड़ सकता है।
आमतौर पर डॉलर और ब्याज दरों से जुड़ी उम्मीदों में बदलाव का असर निवेशकों की सोने-चांदी में दिलचस्पी पर पड़ता है। यही वजह है कि घरेलू बाजार में भी इन धातुओं के भाव में तेजी या गिरावट देखने को मिलती है।
खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान
IBJA के भाव बुलियन के बेंचमार्क रेट होते हैं। ज्वेलरी खरीदते समय दुकानदार की कीमत में मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए बाजार में दिखाई देने वाला ज्वेलरी का अंतिम बिल IBJA के बेस रेट से अलग हो सकता है।
फिलहाल सोना और चांदी दोनों ही ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में खरीदारों के लिए रोजाना के भाव और बाजार की दिशा पर नजर रखना जरूरी है।