बालोतरा जिले के पाटोदी क्षेत्र में रक्षाबंधन के मौके पर भाई-बहन के रिश्ते की ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने सभी का दिल जीत लिया। केशरपुरा निवासी 34 वर्षीय अमजद खान ने अपनी छोटी बहन अमीना की जिंदगी बचाने के लिए अपनी एक किडनी दान कर दी। अमजद ने बहन को राखी पर दिए वादे को निभाते हुए उसे नया जीवन देने का फैसला किया।
7 साल पहले हुई थी बहन की शादी
अमीना की शादी करीब 7 साल पहले पास के गांव मिरपुरा में हुई थी। शादी के बाद से ही उसकी तबीयत लगातार खराब रहने लगी। परिवार ने उसका इलाज जोधपुर में कराया। इलाज के दौरान मेडिकल जांच में उसकी दोनों किडनियों में खराबी सामने आई। डॉक्टरों ने उसकी हालत को देखते हुए किडनी ट्रांसप्लांट की सलाह दी।
अमीना के इलाज में परिवार को काफी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा। बताया गया कि इलाज का खर्च उठाने के लिए ससुराल पक्ष को अपनी जमीन तक बेचनी पड़ी।
भाई ने बहन के लिए लिया बड़ा फैसला
बहन की लगातार बिगड़ती सेहत देखकर अमजद खान ने उसकी मदद करने का फैसला किया। पेशे से कमठा मजदूर अमजद ने अपनी बहन की जिंदगी बचाने के लिए अपनी किडनी दान करने की इच्छा जताई।
करीब 20 दिन पहले अहमदाबाद के एक निजी अस्पताल में अमीना का किडनी ट्रांसप्लांट किया गया। डॉक्टरों की निगरानी और सलाह के बाद अब दोनों घर पर आराम कर रहे हैं। परिजनों के मुताबिक, दोनों की सेहत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
बहन को मिला नई जिंदगी का तोहफा
अमजद का कहना है कि बहन की जिंदगी बचने से उन्हें बेहद सुकून मिला है। रक्षाबंधन पर बहन को आमतौर पर भाई उसकी रक्षा का वचन देता है, लेकिन इस बार अमजद ने अपनी बहन को जिंदगी का सबसे बड़ा तोहफा दिया।
अमीना के पति अयूब एक मेडिकल शॉप पर सेल्समैन की नौकरी करते हैं। परिवार के पास थोड़ी खेती की जमीन थी, जो इलाज के खर्च में चली गई। अमीना का एक बेटा भी है।
भाई के इस फैसले को लेकर परिवार और आसपास के लोग उसकी जमकर तारीफ कर रहे हैं। यह कहानी रक्षाबंधन के मौके पर भाई-बहन के प्यार और रिश्ते की गहराई की एक भावुक मिसाल बन गई है।