राजस्थान में मानसून फिलहाल कमजोर पड़ गया है, जिसके चलते प्रदेश में गर्मी और उमस का असर बढ़ने लगा है। शुक्रवार को राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मौसम साफ रहा और बारिश की गतिविधियां लगभग थमी रहीं। तेज धूप के कारण जयपुर, टोंक, अलवर समेत करीब 15 शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस या इससे ऊपर दर्ज किया गया। वहीं श्रीगंगानगर में तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच गया।
मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसकी हुई है। इसके कारण राजस्थान में बारिश की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं। अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
आज राजस्थान में बारिश का कोई अलर्ट नहीं
रक्षाबंधन के दिन प्रदेश में कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी हुई, लेकिन ज्यादातर इलाकों में बारिश नहीं हुई। शनिवार को भी मौसम विभाग ने राजस्थान के किसी भी जिले के लिए बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है।
जयपुर, उदयपुर, कोटा, भरतपुर, अजमेर और जोधपुर संभाग के कई इलाकों में शुक्रवार को दिनभर आसमान साफ रहा। तेज धूप के कारण तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में अधिकतम तापमान में करीब 1 से 2 डिग्री तक उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया।
श्रीगंगानगर में सबसे ज्यादा गर्मी
बारिश की गतिविधियां कम होने का सबसे ज्यादा असर तापमान पर दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को श्रीगंगानगर प्रदेश का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां तापमान 40 डिग्री के आसपास पहुंच गया।
इसके अलावा जयपुर, टोंक, अलवर समेत कई शहरों में तापमान 35 डिग्री से ऊपर रहा। बारिश थमने के साथ ही दिन के समय गर्मी और उमस दोनों बढ़ गई हैं।
अगले एक सप्ताह मौसम रहेगा मुख्यतः शुष्क
मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून ट्रफ फिलहाल अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर बनी हुई है। यह अमृतसर, देहरादून और लखीमपुर खीरी होते हुए बंगाल की खाड़ी तक प्रभावी है।
आने वाले दिनों में ट्रफ के धीरे-धीरे अपनी सामान्य स्थिति में लौटने की संभावना है। इसके बाद राजस्थान में मानसून की गतिविधियों में दोबारा बढ़ोतरी हो सकती है।
अगले एक सप्ताह तक बीकानेर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना जताई गई है।
सितंबर के पहले सप्ताह में बन सकता है नया सिस्टम
राजस्थान के लिए राहत की खबर यह है कि सितंबर के पहले सप्ताह में बंगाल की खाड़ी में एक नया वेदर सिस्टम बनने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस सिस्टम का असर राजस्थान तक पहुंच सकता है।
इसके प्रभाव से 3-4 सितंबर से पूर्वी और उत्तरी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। वहीं 4-5 सितंबर के आसपास प्रदेश में मानसून फिर से सक्रिय हो सकता है और कई इलाकों में बारिश का नया दौर देखने को मिल सकता है।
हालांकि शुरुआती दौर में पूर्वी राजस्थान में केवल कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। सिस्टम मजबूत होने पर बारिश का दायरा बढ़ सकता है।
अभी गर्मी-उमस, आगे बारिश की उम्मीद
फिलहाल राजस्थान के लोगों को अगले कुछ दिनों तक गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है। बारिश नहीं होने से दिन का तापमान बढ़ रहा है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी में बनने वाला संभावित नया सिस्टम मानसून को फिर सक्रिय कर सकता है।
यानी अभी राजस्थान में बारिश पर ब्रेक है, लेकिन सितंबर के पहले सप्ताह में मानसून के दोबारा जोर पकड़ने की उम्मीद है।