तमिलनाडु की राजनीति में चुनाव नतीजों के बाद भी घमासान थमता नजर नहीं आ रहा। अभिनेता-राजनेता Vijay की पार्टी TVK सरकार बनाने की कोशिश में जुटी है, लेकिन बहुमत का आंकड़ा अभी भी उनके लिए चुनौती बना हुआ है।
विधानसभा चुनाव के नतीजे आए पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक यह साफ नहीं हो पाया कि राज्य में अगली सरकार कौन बनाएगा। TVK ने राज्यपाल से मुलाकात कर 116 विधायकों के समर्थन का दावा किया है, जबकि सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की जरूरत है।
कहां फंसा विजय का नंबर गेम?
शुरुआत में माना जा रहा था कि TVK आसानी से बहुमत हासिल कर लेगी और जल्द सरकार बनाने का दावा पेश करेगी। लेकिन राजनीतिक समीकरण अचानक बदल गए।
VCK और IUML जैसी पार्टियों का समर्थन अभी पूरी तरह साफ नहीं हुआ है। दोनों दलों के विधायक संख्या भले कम हों, लेकिन मौजूदा हालात में वही सरकार गठन की चाबी माने जा रहे हैं।

समर्थन को लेकर नया विवाद
इस बीच एक और विवाद खड़ा हो गया है।
AMMK ने आरोप लगाया है कि TVK ने उनके समर्थन का दावा गलत तरीके से किया है। पार्टी प्रमुख TTV दिनाकरन ने कहा कि उनकी तरफ से कोई आधिकारिक समर्थन नहीं दिया गया।
हालांकि TVK ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि AMMK विधायक ने खुद समर्थन पत्र दिया था। अब यह मामला और ज्यादा राजनीतिक रंग पकड़ता नजर आ रहा है।
विजय के सामने क्या विकल्प?
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक TVK के सामने कई रास्ते खुले हैं—
- छोटे दलों के समर्थन से बहुमत जुटाना
- AIADMK के साथ गठबंधन की कोशिश
- या फिर फ्लोर टेस्ट के दौरान विपक्षी विधायकों की गैरहाजिरी का फायदा लेना
आज VCK के फैसले पर टिकी नजर
अब सबसे ज्यादा नजर VCK के फैसले पर है। माना जा रहा है कि पार्टी आज अपने रुख का आधिकारिक ऐलान कर सकती है। इसी के बाद तमिलनाडु में सरकार गठन की तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी।
फिलहाल राज्य की राजनीति में सस्पेंस, आरोप-प्रत्यारोप और जोड़तोड़ का दौर लगातार जारी है।