मानसून के दौरान बारिश और जगह-जगह जमा पानी मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल माहौल तैयार करता है। इसी वजह से इस मौसम में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। घर के अंदर और आसपास ऐसी कई जगहें होती हैं, जहां थोड़े से जमा पानी में मच्छर पनप सकते हैं।
नेशनल सेंटर फॉर वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में 2024 के दौरान डेंगू के 2,33,519 मामले सामने आए थे और 297 लोगों की मौत हुई थी। इसी साल मलेरिया के 2.55 लाख से ज्यादा मामले दर्ज किए गए, जिनमें करीब 86 मौतें हुईं।
घर में कहां पनप सकते हैं मच्छर?
मच्छरों के लिए साफ या हल्का जमा हुआ पानी भी प्रजनन की जगह बन सकता है। इसलिए घर में इन जगहों पर खास ध्यान देना चाहिए—
- कूलर की पानी की टंकी और ट्रे
- गमलों के नीचे रखी प्लेट
- खुले बाल्टी और ड्रम
- पानी की टंकियां
- छत पर रखे पुराने बर्तन या कबाड़
- बंद या जाम नालियां
- फ्रिज और दूसरे उपकरणों की पानी वाली ट्रे
- घर के आसपास पड़े टायर और खाली डिब्बे
बारिश के बाद ज्यादा सावधानी जरूरी
बारिश के बाद घर की छत, बालकनी या आसपास पानी जमा हो सकता है। कई बार थोड़ी मात्रा में जमा पानी भी मच्छरों के लिए पर्याप्त होता है। इसलिए बारिश के बाद घर और आसपास के हिस्से की नियमित जांच करना जरूरी है।
डेंगू और मलेरिया से कैसे बचें?
सबसे जरूरी कदम है कि घर और आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर और पानी रखने वाले कंटेनरों को नियमित रूप से साफ करें। पानी की टंकियों को ढककर रखें और गमलों की ट्रे में पानी जमा न होने दें।
मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी, खिड़की-दरवाजों पर जाली और सुरक्षित मच्छर-रोधी उपायों का इस्तेमाल किया जा सकता है। बाहर निकलते समय शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनना भी मददगार हो सकता है।
बुखार को नजरअंदाज न करें
डेंगू और मलेरिया में बुखार के साथ सिरदर्द, बदन दर्द, कमजोरी या अन्य लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेना या बीमारी की खुद से पुष्टि करना उचित नहीं है।
एक्सपर्ट की सलाह
बारिश के मौसम में मच्छरों की संख्या बढ़ने से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका उनके पनपने की जगहों को खत्म करना है। घर में हर सप्ताह कुछ मिनट निकालकर पानी जमा होने वाली जगहों की जांच करें। सिर्फ अपने घर ही नहीं, बल्कि आसपास के इलाके में भी पानी जमा न होने देना जरूरी है।
याद रखें—मच्छरों से बचाव के लिए सबसे पहला कदम है: पानी जमा न होने दें और बुखार होने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लें।