राजस्थान में मानसून की रफ्तार एक बार फिर धीमी पड़ती नजर आ रही है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के 15 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं 22 अगस्त को 13 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। इसके बाद 23 अगस्त से अगले चार-पांच दिनों तक राज्य में मानसून की गतिविधियां कमजोर रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान ज्यादातर इलाकों में मौसम शुष्क या आंशिक रूप से बादल छाए रहने वाला रहेगा। कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन व्यापक स्तर पर तेज बारिश की संभावना फिलहाल कम है।
राजस्थान में बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम
इस मानसून सीजन में राजस्थान में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है। प्रदेश में इस अवधि तक औसतन 321.4 मिमी बारिश होती है, जबकि अभी तक करीब 265.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यानी बारिश सामान्य आंकड़े से लगभग 17 प्रतिशत कम है।
बारिश की गतिविधियां कम होने के साथ ही राज्य के कई हिस्सों में दिन का तापमान भी बढ़ने लगा है।
श्रीगंगानगर सबसे गर्म
गुरुवार को श्रीगंगानगर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। यहां अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
वहीं पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, जयपुर और कोटा संभाग के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।
धौलपुर में 19 मिमी बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान कुछ इलाकों में अच्छी बारिश हुई। धौलपुर के बसाईनवांब में 19 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा अलवर के टहला में 16 मिमी, बारां के शाहबाद में 17 मिमी, बारां शहर में 16 मिमी और टोंक में 11 मिमी बारिश हुई।
एक सप्ताह तक कमजोर रहेगा मानसून
मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, पूर्वी भारत के ऊपर बना वेल मार्क लो-प्रेशर सिस्टम अब कमजोर होकर लो-प्रेशर सिस्टम में बदल गया है। मानसून ट्रफ भी फिलहाल ऐसी स्थिति में है, जिससे राजस्थान में बारिश की गतिविधियां सीमित रहने की संभावना है।
जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है।
इन इलाकों में हल्की बारिश की संभावना
श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और आसपास के क्षेत्रों में 21 से 23 अगस्त के बीच कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है।
पूर्वी राजस्थान के उदयपुर, कोटा और अजमेर संभाग में भी अगले करीब एक सप्ताह तक मानसून कमजोर रहने की संभावना है। ऐसे में प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश का इंतजार बढ़ सकता है और तापमान में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।