राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को भारी हंगामे के बीच समान नागरिक संहिता यानी UCC विधेयक सदन में पेश कर दिया गया। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कांग्रेस विधायकों की नारेबाजी के बीच विधेयक रखा। इसके कुछ ही देर बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
विधेयक पर शुक्रवार को चर्चा नहीं हो सकी। अब इस पर चर्चा और आगे की कार्रवाई विधानसभा के अगले चरण में होने की संभावना है। मौजूदा सत्र का अगला चरण शहरी और पंचायती राज निकाय चुनावों के बाद नवंबर के आसपास बुलाया जा सकता है।
दो बार स्थगित हुई कार्यवाही
शुक्रवार को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के विरोध के कारण सदन में हंगामे की स्थिति बन गई। पहले बैठक दोपहर 12 बजे तक स्थगित की गई। दोबारा कार्यवाही शुरू होने के बाद भी विरोध जारी रहा, जिसके चलते सदन को फिर एक बजे तक स्थगित करना पड़ा।
दोपहर एक बजे कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो कांग्रेस विधायक अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। इसी दौरान संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने UCC विधेयक सदन में पेश किया।
चर्चा के लिए अभी नहीं आया बिल
विधानसभा के नियमों के अनुसार किसी विधेयक पर चर्चा से पहले सदस्यों को निर्धारित समय दिया जाता है। UCC बिल पर भी तत्काल चर्चा नहीं हुई। बिल पेश होने के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
अब विधानसभा के अगले चरण में विधेयक पर बहस होने और उसके बाद इसे पारित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
कांग्रेस ने जताई आपत्ति
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ अपना एजेंडा आगे बढ़ाना चाहती है, जबकि जनता से जुड़े दूसरे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी सदन में चर्चा होनी चाहिए।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि उस समय सदन में जरूरी वित्तीय मंजूरियों से जुड़ा काम किया जाना था। इस जवाब पर कांग्रेस विधायकों ने आपत्ति जताई।
कांग्रेस ने किया सदन का बहिष्कार
विरोध बढ़ने के बाद कांग्रेस विधायक सदन से बाहर निकल गए और कार्यवाही का बहिष्कार किया। दूसरी ओर, सरकार ने हंगामे के बीच UCC विधेयक पेश करने की प्रक्रिया पूरी कर ली।
अब राजस्थान में UCC को लेकर विधानसभा के अगले चरण में राजनीतिक और कानूनी बहस तेज होने की संभावना है।