ट्रम्प का दावा, होर्मुज पर अमेरिका का बढ़ेगा कंट्रोल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट पर पूरा नियंत्रण हासिल कर सकता है। ट्रम्प के मुताबिक, अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में ईरान की नौसेना, वायुसेना और सैन्य नेतृत्व को भारी नुकसान पहुंचा है।
ट्रम्प ने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं देगा। उनका कहना है कि इसी खतरे को रोकने के लिए सैन्य कार्रवाई जरूरी थी और भविष्य में ऐसा खतरा दोबारा सामने आया तो अमेरिका फिर कड़ा कदम उठा सकता है।
ईरान से बातचीत को लेकर ट्रम्प का बयान
ट्रम्प ने कहा कि ईरान में कई वरिष्ठ नेताओं के मारे जाने के बाद वहां की निर्णय लेने वाली व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में नए समझौते पर बातचीत करना मुश्किल हो सकता है।
उन्होंने ईरान की आर्थिक स्थिति पर भी निशाना साधते हुए कहा कि देश महंगाई और आर्थिक संकट से जूझ रहा है और सरकार के सामने कई वित्तीय चुनौतियां हैं।
ईरान से कारोबार करने वालों पर अमेरिका की नजर
अमेरिका ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों और कंपनियों को भी चेतावनी दी है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के मुताबिक, ईरान के साथ कारोबार जारी रखने वालों पर आगे आर्थिक कार्रवाई की जा सकती है।
अमेरिका का कहना है कि प्रतिबंधों का उद्देश्य ईरान पर दबाव बढ़ाना है, ताकि वह अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर पीछे हटे और होर्मुज स्ट्रेट में आवागमन सामान्य बनाए रखने में सहयोग करे।
चीन ने अमेरिकी नीति का किया विरोध
चीन ने ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की अमेरिकी रणनीति का विरोध किया है। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रतिबंध और दबाव बढ़ाने से मध्य पूर्व का विवाद खत्म नहीं होगा।
चीन का कहना है कि मौजूदा संकट का समाधान सैन्य दबाव के बजाय बातचीत और कूटनीति के जरिए तलाशा जाना चाहिए।
ईरान का भी सख्त रुख
ईरान ने साफ किया है कि वह अमेरिकी प्रतिबंधों के दबाव में अपनी नीति नहीं बदलेगा। ईरानी विदेश मंत्रालय का कहना है कि देश लंबे समय से प्रतिबंधों का सामना कर रहा है और सिर्फ आर्थिक दबाव से उसकी नीतियां नहीं बदलेंगी।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि लगातार प्रतिबंध और सैन्य दबाव ईरान को समझौते के करीब लाने के बजाय उसका रुख और सख्त कर सकते हैं।
होर्मुज स्ट्रेट इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
होर्मुज स्ट्रेट खाड़ी क्षेत्र और पूरी दुनिया के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग है। दुनिया के तेल और LNG कारोबार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। यहां किसी भी तरह की रुकावट से वैश्विक ऊर्जा सप्लाई और तेल की कीमतों पर असर पड़ सकता है।
इसके अलावा सऊदी अरब, UAE, कुवैत और कतर जैसे खाड़ी देशों के लिए भी यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है। यही वजह है कि होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर सिर्फ दोनों देशों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।