पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सिंधु जल समझौते को लेकर भारत को एक बार फिर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा और अगर पानी रोकने या उसका प्रवाह कम करने की कोशिश हुई तो पाकिस्तान इसका मुंहतोड़ जवाब देगा। इस दौरान शहबाज शरीफ ने कश्मीर को लेकर भी पाकिस्तान के पुराने रुख को दोहराया और कहा कि इस मुद्दे पर उनका देश अपनी स्थिति नहीं बदलेगा।
सिंधु जल समझौते पर भारत को चेतावनी
शहबाज शरीफ ने गुरुवार को इस्लामाबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिंधु जल समझौते का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपने जल अधिकारों से पीछे नहीं हटेगा। उनका बयान ऐसे समय आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि को लेकर तनाव बना हुआ है।
आसिम मुनीर की तारीफ, भारत को हराने का दावा
अपने भाषण में शहबाज ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की भी तारीफ की। उन्होंने दावा किया कि मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तान ने भारत को हराया। शहबाज ने मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष का भी जिक्र किया।
फिर दोहराया ट्रंप ने कराया युद्धविराम
शहबाज शरीफ ने एक बार फिर दावा किया कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष रोकने में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अहम भूमिका थी। हालांकि, भारत का लगातार कहना रहा है कि युद्धविराम दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीधे संवाद के बाद हुआ था और इसमें किसी तीसरे देश की मध्यस्थता नहीं थी।
कश्मीर पर भी नहीं बदलेगा पाकिस्तान का रुख
शहबाज शरीफ ने कहा कि कश्मीर को लेकर पाकिस्तान की नीति में कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने कश्मीरियों के समर्थन की बात दोहराते हुए कहा कि उनकी कुर्बानियां बेकार नहीं जाएंगी। भाषण में उन्होंने फिलिस्तीन और अफगानिस्तान का भी जिक्र किया।
भारत ने पहलगाम हमले के बाद संधि निलंबित की
सिंधु जल संधि पर भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद लंबे समय से चल रहा है। यह समझौता 19 सितंबर 1960 को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान के बीच हुआ था। इसके तहत सिंधु नदी प्रणाली की छह नदियों के पानी के इस्तेमाल को लेकर दोनों देशों के अधिकार तय किए गए थे।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद अप्रैल 2025 में भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित करने की घोषणा की थी। भारत का कहना है कि पाकिस्तान की ओर से सीमा पार आतंकवाद पर ठोस कार्रवाई होने तक संधि पर रोक जारी रहेगी। वहीं पाकिस्तान इसे एकतरफा रूप से निलंबित किए जाने को स्वीकार नहीं करता।
पानी पर निर्भर है पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था
पाकिस्तान की कृषि और अर्थव्यवस्था सिंधु नदी प्रणाली पर काफी निर्भर है। ऐसे में भारत-पाकिस्तान के बीच जल विवाद पाकिस्तान के लिए बेहद संवेदनशील मुद्दा बन गया है। पानी की उपलब्धता को लेकर पहले से दबाव झेल रहे पाकिस्तान में सिंधु जल संधि को लेकर चिंता और बढ़ गई है।