इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रहे शंकराचार्य Avimukteshwaranand Saraswati से जुड़े मामले में एक बड़ा और अहम मोड़ सामने आया है।
इस हाई-प्रोफाइल केस की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने खुद को इस मामले से अलग कर लिया है और केस को मुख्य न्यायाधीश के पास भेज दिया है। अब तय होगा कि इस मामले की सुनवाई किसी दूसरी बेंच में होगी।
क्या है पूरा मामला?
यह केस शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी से जुड़ा हुआ है।
इन पर POCSO एक्ट और कोर्ट की अवमानना से जुड़े आरोपों के तहत मामला चल रहा है, जिसे लेकर पहले से ही कानूनी प्रक्रिया जारी है।
क्यों बढ़ा विवाद?
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दोनों आरोपी कोर्ट द्वारा दी गई जमानत शर्तों का पालन नहीं कर रहे हैं।
साथ ही यह भी कहा गया कि वे सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होकर न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
यह याचिका जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज की ओर से दाखिल की गई थी।
अब आगे क्या?
जज के खुद को अलग करने के बाद अब यह मामला नई बेंच को सौंपा जाएगा।
जिससे इस चर्चित केस की सुनवाई एक बार फिर नए सिरे से आगे बढ़ेगी।
👉 फिलहाल इस फैसले के बाद मामला और भी ज्यादा संवेदनशील हो गया है और सभी की नजर अब हाईकोर्ट के अगले कदम पर टिकी है।