राजस्थान में कुत्तों का आतंक: 30 दिन में 3000 लोग शिकार, 10 साल की बच्ची की दर्दनाक मौत

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राजस्थान में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है और हालात अब गंभीर रूप ले चुके हैं।
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ एक महीने में हजारों लोग कुत्तों के हमले का शिकार हो चुके हैं, जिससे पूरे प्रदेश में दहशत फैल गई है।

बूंदी में 10 साल की मासूम की दर्दनाक मौत

सबसे दर्दनाक घटना बूंदी जिले के तालेड़ा क्षेत्र की है, जहां 10 साल की बच्ची को आवारा कुत्तों के झुंड ने नोच-नोच कर मार डाला।
यह घटना पूरे राज्य को झकझोर गई, लेकिन इसके बाद भी हालात नहीं सुधरे।

एक महीने में 3000 से ज्यादा डॉग बाइट केस

डीग जिले से आए आंकड़े चौंकाने वाले हैं।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, सिर्फ अप्रैल महीने में ही 3000 से ज्यादा लोग कुत्तों के हमले का शिकार हुए।
हर दिन औसतन 100 मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं।

शहरों में ज्यादा खतरनाक हो रहे कुत्ते

RTI रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में डॉग बाइट के मामले 2024 की तुलना में लगभग दोगुने हो गए हैं।
जयपुर, कोटा और डीग जैसे शहरी इलाकों में स्थिति और ज्यादा गंभीर बताई जा रही है।

जनता का गुस्सा फूटा

स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
लोगों का कहना है कि नसबंदी और शेल्टर होम सिर्फ कागजों तक सीमित हैं, जमीन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।

डॉक्टरों की चेतावनी

डॉक्टरों ने साफ कहा है कि कुत्ता काटने के बाद 15 मिनट की देरी भी जानलेवा हो सकती है।
तुरंत घाव को साबुन और पानी से धोकर एंटी-रेबीज टीका लगवाना जरूरी है।

शिकायत कैसे करें?

आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या के लिए लोग राजस्थान संपर्क पोर्टल के टोल-फ्री नंबर 181 पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

👉 फिलहाल सवाल यही है—क्या प्रशासन अब जागेगा या ऐसे ही मासूम जानें जाती रहेंगी?

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