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ईरान जंग में ट्रम्प का बड़ा यू-टर्न! परमाणु समझौता नहीं, अब होर्मुज खोलने पर नजर

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ईरान जंग में ट्रम्प का बड़ा यू-टर्न! परमाणु समझौता नहीं, अब होर्मुज खोलने पर नजर
US President Donald Trump is reportedly considering ending the Iran conflict without a formal nuclear deal if Iran fully reopens the Strait of Hormuz and restores normal commercial shipping.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान के साथ जारी संघर्ष को बिना औपचारिक परमाणु समझौते के भी खत्म करने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोल देता है और वहां से सामान्य वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही बहाल हो जाती है, तो अमेरिका युद्ध से पीछे हटने पर विचार कर सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प पिछले कुछ हफ्तों से इस विकल्प पर काम कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ निजी बातचीत में उन्होंने संकेत दिया है कि तेहरान के साथ औपचारिक न्यूक्लियर डील के बिना भी संघर्ष को समाप्त किया जा सकता है।

पहले परमाणु समझौता था अमेरिका का मुख्य लक्ष्य

अब तक ट्रम्प प्रशासन का मुख्य फोकस ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौता कराने पर रहा है। लेकिन युद्ध लंबा खिंचने के साथ अमेरिका की प्राथमिकताएं बदलती नजर आ रही हैं।

अब होर्मुज स्ट्रेट में सामान्य जहाजों की आवाजाही बहाल करना युद्ध खत्म करने की अहम शर्त बन सकता है। यह समुद्री रास्ता वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और यहां किसी भी तरह की बाधा से तेल और गैस की कीमतों पर असर पड़ सकता है।

ईरान ने भी रखी कई शर्तें

ईरान की ओर से भी होर्मुज स्ट्रेट खोलने के बदले कई मांगें रखी गई हैं। ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहम्मद बाघेर जोलघदार के मुताबिक, अमेरिका को युद्ध स्थायी रूप से खत्म करना होगा और अपनी नौसैनिक नाकाबंदी हटानी होगी।

ईरान की प्रमुख मांगों में क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की वापसी, प्रतिबंधों को हटाना और विदेशों में जमा ईरानी संपत्तियों को रिलीज करना शामिल है।

ईरान युद्ध के दौरान हुए नुकसान के लिए मुआवजे की मांग भी कर रहा है।

अमेरिकी सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई रोकने की मांग

ईरान यह भी चाहता है कि अमेरिका क्षेत्र में उसके सहयोगी संगठनों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई बंद करे। यानी होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने का रास्ता केवल समुद्री आवाजाही बहाल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ कई राजनीतिक और सैन्य शर्तें जुड़ी हुई हैं।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका और ईरान इन शर्तों पर किसी समझौते तक पहुंच पाएंगे या नहीं। लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक, लंबे होते संघर्ष के बीच ट्रम्प प्रशासन का फोकस परमाणु समझौते से हटकर होर्मुज स्ट्रेट और क्षेत्रीय स्थिरता पर जाता दिख रहा है।

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