राजस्थान सरकार ने प्रदेश के लाखों श्रमिकों और कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘मजदूरी संहिता (राजस्थान) नियम, 2026’ और ‘राजस्थान औद्योगिक संबंध नियम, 2026’ को मंजूरी दी गई है। नए नियमों में न्यूनतम मजदूरी, महंगाई भत्ता, काम के घंटे, साप्ताहिक अवकाश और डिजिटल वेतन रिकॉर्ड से जुड़े कई प्रावधान किए गए हैं।
साल में दो बार संशोधित होगा DA
नई मजदूरी संहिता के तहत न्यूनतम मजदूरी तय करने के लिए वैज्ञानिक फॉर्मूला और कौशल के आधार पर वर्गीकरण किया जाएगा। सबसे बड़ा बदलाव महंगाई भत्ते को लेकर है।
DA को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी CPI से जोड़ा जाएगा और न्यूनतम मजदूरी व महंगाई भत्ते में साल में दो बार संशोधन किया जाएगा। ये संशोधन 1 अप्रैल और 1 अक्टूबर को किए जाने का प्रावधान है।
इसका मकसद महंगाई बढ़ने के साथ श्रमिकों की वास्तविक आय को सुरक्षित रखना है।
हफ्ते में अधिकतम 48 घंटे काम
नए नियमों में काम के घंटों की सीमा भी तय की गई है। कर्मचारी से एक सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे काम कराया जा सकेगा।
6 दिन के कार्य सप्ताह में आराम के समय सहित दैनिक कार्य अवधि 10.5 घंटे से ज्यादा नहीं होगी। सप्ताह के सातवें दिन कर्मचारी को सवेतन साप्ताहिक अवकाश देने का प्रावधान किया गया है।
5 घंटे काम के बाद 30 मिनट का ब्रेक
नियमों के मुताबिक लगातार 5 घंटे काम करने के बाद कम से कम 30 मिनट का विश्राम देना अनिवार्य होगा।
अगर किसी कर्मचारी से साप्ताहिक अवकाश के दिन काम कराया जाता है तो उसे निर्धारित दर के अनुसार अतिरिक्त ओवरटाइम भुगतान करना होगा। नाइट शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए भी विशेष इंतजाम करने होंगे।
अब मिलेगी डिजिटल वेज स्लिप
सरकार ने श्रम व्यवस्था को डिजिटल बनाने पर भी जोर दिया है। नए नियमों के तहत नियोक्ताओं को कर्मचारियों को डिजिटल वेज स्लिप देना अनिवार्य होगा।
हाजिरी और वेतन से जुड़े रजिस्टर भी डिजिटल फॉर्मेट में रखने होंगे। इससे कर्मचारियों को अपनी सैलरी और काम से जुड़े रिकॉर्ड आसानी से मिल सकेंगे।
ऑनलाइन होगा विवादों का समाधान
‘राजस्थान औद्योगिक संबंध नियम, 2026’ के तहत श्रम अनुपालन और विवादों से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए ऑनलाइन व्यवस्था लागू की जाएगी।
श्रमिकों और नियोक्ताओं से जुड़े मामलों का निर्धारित समय-सीमा में ऑनलाइन समाधान करने की व्यवस्था की जाएगी।
ट्रेड यूनियन के चुनाव में गुप्त मतदान
नई व्यवस्था में कारखानों और प्रतिष्ठानों में बातचीत करने वाली ट्रेड यूनियनों के चुनाव को भी पारदर्शी बनाने का प्रावधान है। इसके लिए गुप्त मतदान प्रणाली अपनाई जाएगी।
सरकार का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्र में पारदर्शिता और बेहतर श्रम व्यवस्था स्थापित करना है।
कुल मिलाकर, नए नियमों से राजस्थान के श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी और DA में नियमित संशोधन, साप्ताहिक अवकाश, ब्रेक, ओवरटाइम भुगतान और डिजिटल वेतन रिकॉर्ड जैसी सुविधाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।