छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के मरकाटोला गांव में मादा भालू के हमले ने एक परिवार को गहरा सदमा दे दिया। भालू के हमले में दो सगे भाई-बहन की मौत हो गई, जबकि तीसरी बहन गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल महिला का इलाज कांकेर मेडिकल कॉलेज में जारी है।
घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। वहीं ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ नाराजगी भी देखने को मिल रही है।
खेत के पास बैठे युवक पर किया हमला
जानकारी के मुताबिक, मरकाटोला गांव निवासी हलाल खोर जुर्री अपने खेत के पास बैठे हुए थे। इसी दौरान अचानक एक मादा भालू वहां पहुंची और उन पर हमला कर दिया।
भालू के हमले से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसकी चीख सुनकर उसकी बहन चमारोन बाई मौके पर पहुंचीं। चमारोन बाई स्कूल में रसोइया के तौर पर काम करती हैं। उन्होंने भाई को बचाने की कोशिश की, लेकिन भालू ने उन पर भी हमला कर दिया।
इसके बाद खेत में काम कर रही उनकी दूसरी बहन खोरीनबाई भी मौके पर पहुंचीं। वह दोनों को बचाने का प्रयास कर रही थीं, तभी भालू ने उन पर भी हमला कर दिया।
दो की मौत, एक की हालत गंभीर
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और वन विभाग को सूचना दी गई। ग्रामीणों ने घायल खोरीनबाई को किसी तरह वहां से बाहर निकाला और इलाज के लिए कांकेर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया।
वहीं, भालू के हमले में दो भाई-बहनों की मौत हो गई।
शवों के पास डटी रही मादा भालू
घटना के बाद सबसे बड़ी चुनौती मृतकों के शवों को मौके से हटाने की थी। मादा भालू शवों के पास ही बैठी रही और किसी को भी पास नहीं आने दे रही थी।
ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने कई घंटे तक उसे हटाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद रायपुर से पहुंची विशेषज्ञ टीम ने ट्रैंक्विलाइजर गन की मदद से भालू को बेहोश कर काबू में किया।
इसके बाद दोनों मृतकों के शवों को वहां से निकाला जा सका।
शावक की मौत के बाद आक्रामक हुई थी भालू
ग्रामीणों के अनुसार, घटना से एक दिन पहले मादा भालू के शावक की मौत हो गई थी। वन विभाग ने शावक के शव को अपने कब्जे में ले लिया था।
ग्रामीणों का कहना है कि शावक के दूर होने के कारण मादा भालू आक्रामक हो गई और उसने लोगों पर हमला कर दिया।
ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ नाराजगी
भालू को पकड़ने के दौरान कुछ ग्रामीणों का गुस्सा भी सामने आया। कुछ लोग लाठी-डंडे लेकर भालू की ओर बढ़ गए थे, जिन्हें पुलिस और वन विभाग की टीम ने शांत कराया।
फिलहाल पकड़े गए भालू को कांकेर लाया गया है, जहां उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा।
इस घटना के बाद इलाके में जंगली जानवरों की बढ़ती गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों में डर और नाराजगी बनी हुई है। एक ही परिवार के दो लोगों की मौत और एक के घायल होने से पूरे मरकाटोला गांव में शोक का माहौल है।