राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने लगा है। प्रदेश के कई हिस्सों में हुई बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग ने आज 13 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब डिप्रेशन में बदल चुका है। इसके और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन बनने की संभावना है। यह वेदर सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है, जिसके असर से राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 28 जुलाई से पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश तेज हो सकती है। वहीं, 29 जुलाई से 2 अगस्त तक प्रदेश के अधिकांश इलाकों में मानसून फिर से सक्रिय रहने की संभावना है। इस दौरान पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है।
कम बारिश से किसान परेशान
हालांकि मानसून की सक्रियता के बावजूद प्रदेश के कई जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है। रविवार को बाड़मेर, जैसलमेर, पाली और जोधपुर में बारिश दर्ज की गई, लेकिन पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में अभी भी मौसम शुष्क बना हुआ है।
बारिश की कमी और तेज धूप के कारण कई जिलों में गर्मी और उमस बढ़ गई है। इसका असर किसानों पर भी पड़ रहा है।
27 जिलों में औसत से कम बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 27 जिलों में अब तक औसत से कम बारिश दर्ज की गई है। इनमें दौसा, डूंगरपुर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, जालोर, करौली, खैरथल-तिजारा, पाली, सवाई माधोपुर, सिरोही और उदयपुर समेत कई जिले शामिल हैं।
अब सभी की नजरें नए वेदर सिस्टम पर हैं, जिससे राजस्थान में एक बार फिर झमाझम बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है।